जमशेदपुर: बगबेड़ा थाना कांड सं. 224/22, दिनांक 08.10.2022 से उत्पन्न सत्र वाद सं. 244/23 (विनायक दास बनाम सरोजिनी कुमारी) में अदालत ने अभियुक्त को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है.

अभियोजन का आरोप था कि अभियुक्त द्वारा वर्ष 2018 से 2022 के बीच विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध स्थापित किया गया और धोखाधड़ी की गई. मामले में आरोप गंभीर थे और इसे सत्र न्यायालय में विचारण हेतु भेजा गया था.
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहा. आवश्यक गवाहों की अनुपस्थिति और प्रस्तुत साक्ष्यों की कमजोरी के कारण आरोप प्रमाणित नहीं हो सके.
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-III की अदालत ने दिनांक शनिवार को उपलब्ध साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर अभियुक्त को संदेह का लाभ देते हुए विधि अनुसार बरी कर दिया. उक्त वाद में अभियुक्त की ओर से पैरवी अधिवक्ता स्वाति मित्रा द्वारा की गई. अदालत के इस निर्णय के साथ ही सत्र वाद 244/23 का निष्पादन हो गया.

