जमशेदपुर Rajesh Thakur इस्लाम धर्म माननेवालों का दूसरा सबसे बड़ा पर्व बकरीद रविवार को जमशेदपुर एवं आसपास के इलाकों में धूमधाम से मनाई जा रही है. अलग- अलग मस्जिदों एवं ईदगाहों में ईद- उल- अजहा यानी बकरीद की नमाज अदायगी के साथ ही कुर्बानी का फर्ज अदायगी की तैयारी में लोग जुट गए.

विज्ञापन
ईद- उल- फितर (ईद) के करीब 70 दिनों बाद बकरीद मनाई जाती है. ईद- उल- अजहा को बकरीद भी कहा जाता है. यह इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है. ईद- उल- अजहा का पर्व को मुस्लिम समाज के लोग त्याग और कुर्बानी के तौर पर मनाते हैं. मान्यता है कि यह त्योहार हमेशा लोगों को खुशी बांटने और त्याग के लिए प्रेरित करता है. जमशेदपुर में ईद- उल- अजहा की नमाज अदायगी के बाद लोग एक दूसरे से गले मिले और बधाइयां दी.

विज्ञापन