जमशेदपुर: अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर रविवार को झारखंड बंगभाषी समन्वय समिति द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बंगला भाषा के विकास में ईश्वर चंद्र विद्यासागर के अतुलनीय योगदान पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया गया. मुख्य वक्ता के रूप में पश्चिम बंगाल वाममोर्चा के चेयरमैन विमान बोस उपस्थित रहे.

अपने संबोधन में विमान बोस ने कहा कि विद्यासागर ने बंगला भाषा के उत्थान के लिए स्वयं को पूर्णतः समर्पित कर दिया था. उन्होंने ‘बर्ण परिचय’ भाग 1 और 2 के माध्यम से भाषा शिक्षण को सरल और सुलभ बनाया. वे केवल शिक्षाविद ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक भी थे. विधवा विवाह कानून के समर्थन में उन्होंने संघर्ष किया और वंचित वर्गों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाई.

कार्यक्रम में विभिन्न भाषाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपनी मातृभाषा के संरक्षण और सम्मान का संकल्प लिया. सांस्कृतिक प्रस्तुति के अंतर्गत टैगोर स्कूल ऑफ आर्ट्स की श्रीमती चंदना चौधुरी और उनकी टीम ने मनमोहक संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया.
समिति के अध्यक्ष विकास मुखर्जी ने स्वागत भाषण दिया जबकि महासचिव संदीप सिन्हा चौधुरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

