राजनगर/ Rasbihari Mandal फ्रांस की 75 वर्षीय नागरिक श्रीमती जिज़ेल बुसों ने अपने भारत प्रवास के दौरान सोमवार को राजनगर स्थित ऐतिहासिक ईचा पैलेस का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने लगभग 250 वर्ष प्राचीन श्री रघुनाथ मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नजदीक से जाना.

श्रीमती जिज़ेल बुसों के आगमन पर ईचा राजपरिवार की ओर से उनका पारंपरिक और आत्मीय स्वागत किया गया. इस अवसर पर राजपरिवार द्वारा उन्हें ईचा की गौरवशाली परंपराओं, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सांस्कृतिक धरोहर की विस्तृत जानकारी दी गई.
भ्रमण के दौरान उन्हें ईचा की प्रसिद्ध लोकनृत्य शैली ईचा छौ नृत्य देखने का अवसर भी प्रदान किया गया. पारंपरिक वेशभूषा और सजीव प्रस्तुति से सुसज्जित इस लोकनृत्य ने विदेशी अतिथि को गहराई से प्रभावित किया.
श्रीमती जिज़ेल बुसों ने ईचा के इतिहास, श्री रघुनाथ मंदिर की प्राचीनता और स्थानीय लोकसंस्कृति की मुक्त कंठ से सराहना की. उन्होंने ईचा राजपरिवार के आतिथ्य भाव की प्रशंसा करते हुए इस अनुभव को अपने जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल बताया.
विदेशी अतिथि की इस यात्रा से ईचा की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान से पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.

