ईचागढ़ (विद्युत महतो) शिक्षा, विकास एवं रोजमर्रा की कार्यों के साथ ही जीवन में मनोरंजन भी जरूरी है. सरकार शिक्षा के साथ सांस्कृतिक विकास के लिए स्कूलों में बच्चों को कला सांस्कृति के क्षेत्र में भी अभिरुचि पैदा करने हेतु स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यशाला का आयोजन कर रहे हैं.

इसी कार्यक्रम के दौरान सरायकेला खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के माउंट एकाडमी मिलन चौक में बुधवार को सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से माउंट एकाडमी मिलन में शिकारी नृत्य कार्यशाला का आयोजन किया गया. नटराज कला केंद्र चोगा द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यशाला में बच्चे शिकारी नृत्य का इतिहास एवं नृत्य के बारिकियों से अवगत हुए.
बच्चों को नृत्य में एकरूपता, भाव, नृत्य के कायदे, ताल , मात्रा आदि के संबंध में जानकारी दिया गया. बच्चों को शिकारी नृत्य का भाव भंगीमा आदि के संबंध में सीखाया गया. बच्चे जहां नृत्य का आनंद उठाएं वहीं नृत्य सीखकर आत्म विभोर हुए. नटराज कला केंद्र चोगा के सचिव सह अन्तर्राष्ट्रीय छौऊ कलाकार प्रभात कुमार महतो ने बताया कि सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से स्कूली बच्चों को भी अपने सांस्कृतिक कलाओं से परिचय कराते हुए इस क्षेत्र में अभिरूची पैदा करना है. उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा बच्चों को पढ़ाई के साथ अपने क्षेत्र की लोक कला के संबंध में अवगत कराना है. उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में लोग सामुहिक रूप से शिकार करते थे. उसी परम्परा को देखते हुए शिकारी नृत्य के संबंध में बच्चों को जानकारी दिया गया.
वहीं विद्यालय के छात्र छात्राओं ने शिकारी नृत्य का कार्यशाला में बढ़चढकर भाग लिया. विद्यालय के छात्र छात्राएं शिकारी नृत्य की वेसभुषा और नृत्य कौशल से आत्म विभोर हो गए. मौके पर अंतर्राष्ट्रीय छऊ नृत्य कलाकार प्रभात कुमार महतो, कोऑर्डिनेटर विपिन बिहारी गोप, शिक्षक हरे कृष्ण गोप , उस्ताद गुलाप सिंह मुंडा सहित सैकड़ो छात्र- छात्राएं उपस्थित थे.
