हजारीबाग: महिला थाना परिसर के बाहर शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवती ने जहर खाकर आत्मघाती कदम उठा लिया. घटना की जानकारी मिलते ही महिला थाना पुलिस, सदर थाना पुलिस और डीएसपी मनोज कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे.

युवती की हालत गंभीर देख उसे तत्काल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है. अस्पताल में भर्ती युवती की पहचान शिखा कुमारी (काल्पनिक) निवासी बड़कागांव के रूप में हुई है.
इलाज के दौरान युवती ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का कहना है कि उसका रांची स्थित रिम्स में पदस्थापित चौथे वर्ष के एक डॉक्टर से प्रेम प्रसंग था. बाद में आरोपी डॉक्टर ने शादी से इनकार कर दिया और इस दौरान कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया गया.
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी डॉक्टर की मां ने उसे धमकी दी कि यदि “इज्जत बचानी है” तो दहेज देना होगा, तभी शादी संभव है. पीड़िता के अनुसार, इस मामले में करीब छह महीने पहले प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक न तो आरोपी से पूछताछ हुई और न ही उसकी गिरफ्तारी की गई.
न्याय न मिलने और लगातार मानसिक दबाव के कारण युवती अवसाद में चली गई और महिला थाना के बाहर जहर खाकर आत्मघाती कदम उठा लिया. घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और युवती के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल युवती की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है.

