हजारीबाग: जिले का बड़कागांव इन दिनों एक बार फिर पूरे देश में सुर्खियों में है. झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, उनकी पत्नी निर्मला देवी और बेटी पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने ऋतिक कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विवाद जमीन अधिग्रहण और मुआवजा से जुड़ा हुआ है.

पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने ऋतिक कंपनी पर अवैध खनन और धमकी देने का आरोप लगाया है. उन्होंने इस बाबत केरेडारी थाना में आवेदन भी दिया है. वहीं, कंपनी ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा है कि निजी लाभ और गैरकानूनी मुआवजा पाने के लिए यह साजिश रची जा रही है.
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ऋतिक कंपनी के योजना प्रमुख सतीश कुमार ने बताया कि 1 अगस्त से पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनके समर्थकों ने माइंस का काम बंद करा दिया था. 16 अगस्त की देर शाम उत्खनन कार्य शुरू किया गया, जिससे कंपनी को लगभग 12 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि इस बीच योगेंद्र साव, अंबा प्रसाद और अंकित कुमार 13 और 14 अगस्त को हैदराबाद जाकर सीएम राजेश से मुलाकात भी कर चुके हैं.
कंपनी का आरोप है कि समझौते की बात करने के बाद भी 14 और 16 अगस्त को माइंस क्षेत्र में अशांति फैलाई गई. 12 अगस्त को मारपीट की घटना भी हुई और 1 अगस्त को कंपनी के तीन कर्मियों को घंटों बंधक बनाया गया. सतीश कुमार ने साफ किया कि कंपनी किसी भी गैर कानूनी मांग को पूरा नहीं करेगी.
कंपनी का कहना है कि अंबा प्रसाद द्वारा जारी ऑडियो अधूरा और भ्रामक है, जबकि वास्तविक स्थिति को तोड़मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. वरिष्ठ प्रबंधक रवि सिन्हा ने कहा कि कंपनी कानून और नियमों के अनुसार काम कर रही है और सुरक्षा कारणों से कैमरे पर बयान देने में असमर्थ हैं.
बाईट
रवि सिन्हा (वरिष्ठ प्रबंधक)

