देवघर: बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में जबरन प्रवेश और धक्का- मुक्की सहित अन्य धाराओं में दर्ज मामले को लेकर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे शनिवार को अपनी गिरफ्तारी देने मंदिर थाना पहुंचे. सीता होटल के पास से पैदल चलते हुए वे थाना पहुंचे और थाना प्रभारी के चेंबर में गिरफ्तारी देने की इच्छा जताई. निशिकांत दुबे ने बताया कि थाना प्रभारी ने उनकी गिरफ्तारी नहीं ली, क्योंकि मामला एमपी- एमएलए कोर्ट में भेजा गया है और अभी एफआईआर की स्वीकृति नहीं हुई है.

उन्होंने कहा कि एफआईआर स्वीकार होने के बाद सेक्शन 41 के तहत तीन बार नोटिस दिया जाएगा और तभी गिरफ्तारी संभव होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भगोड़े नहीं हैं और जनता ने उन्हें चार बार सांसद बनाया है ताकि वे उनके लिए संघर्ष कर सकें. यह उनके ऊपर दर्ज 51वां केस है, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों के नाम भी शामिल हैं. दुबे ने कहा कि प्रशासन जितने केस करेगा, वे उतनी बार गिरफ्तारी देने पहुंचेंगे.
सांसद ने संविधान की धारा 105 के तहत प्राप्त विशेषाधिकार का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस दिया है, जिसकी सुनवाई संसद में सोमवार को होगी. उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने, गौ तस्करी रोकने और आरएसएस कार्यकर्ताओं की मदद करने पर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि वे बैद्यनाथ मंदिर के ट्रस्टी हैं और एक अवैध रूप से गर्भगृह में प्रवेश करने वाले व्यक्ति के आधार पर दर्ज एफआईआर गलत है. उन्होंने देवघर से भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया.

