गया Pradeep Ranjan भगवान बुद्ध की पावन ज्ञान भूमि बोधगया स्थित शून्यती इंटरनेशनल फाउंडेशन के तत्वाधान में योग महासभा का आयोजन किया गया. जिसमें देश-विदेश के हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए.

इस मौक़े पर शून्यती इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक डा. लिम सियो जिन उर्फ ध्यानाचार्य नागजीवा ने कहा कि प्रतिवर्ष फरवरी महीने में योग महासभा का आयोजन किया जाता है, जिसमें देश- विदेश से हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं. इसमें शामिल होने के लिए जात- पात या किसी तरह का बंधन नहीं है, जो लोग योग में विश्वास रखते हैं, उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल किया जाता है. साथ ही उन्हें शून्य का आभास कराया जाता है.
शून्य बुद्ध द्वारा सिखाई गई प्राचीन ध्यान तकनीक है, जो मानव को उसके दुखों से मुक्ति दिलाती है. शून्य समता और विपश्यना है. बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे बुद्ध को मानव मुक्ति के इस मार्ग के लिए जागृत किया गया था. बुद्ध की शिक्षाएं बोधगया से दुनिया भर में फैली और मानवता को शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाया.
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शून्यती आंदोलन अब दुनिया के प्रमुख हिस्सों में फैला एक अंतरराष्ट्रीय आंदोलन है. निरंजना नदी के तट पर आयोजित इस कार्यक्रम में भारत, नेपाल, मलेशिया, दुबई, लैटिन, अमेरिका जैसे देश से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. इस मौके पर डीएक्सएन के प्रबंध निदेशक प्रजीत पवित्रण, सीएमडी सलीम साजीर, आईएमडी रमण झा, डा. राजेश सवेरा, विजय कुमार सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
बाइट-
डॉ. लिम सियो जिन (संस्थापक- शून्यती इंटरनेशनल फाउंडेशन)
