गया/ Pradeep Ranjan शुक्रवार को तीन लाख के इनामी नक्सली अखिलेश सिंह भोक्ता ने पुलिस के समक्ष सेमी ऑटोमेटिक राइफल के साथ समर्पण किया है. इसके समर्पण से गया पुलिस ने राहत की सांस ली है. इसके ऊपर 17 से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं.

इस संबंध में एसएसपी आनंद कुमार ने बताया अखिलेश सिंह भोक्ता ने सेमी ऑटोमेटिक राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया है. वह मगध प्रमंडल का सब जोनल कमांडर था. लगभग 17 नक्सली कांड में वह वांछित था. उसके ऊपर 3 लाख का
इनाम भी घोषित था. उन्होंने बताया कि विगत कई दिनों से नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा था, जिसके तहत यह सफलता हाथ लगी है.
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एसएसपी ने बताया कि सरेंडर करने वाले अखिलेश ने 60 जिंदा आईईडी के बारे में पुलिस को जानकारी दी, जिसे ढूंढ कर नष्ट कर दिया गया है. सभी आईईडी जंगल व पहाड़ के रास्ते में उसके द्वारा प्लांट किए गए थे. उन्होंने बताया कि ये वही अखिलेश है, जो मगध जोन में सब- जोनल कमांडर बन चुका था.
अखिलेश ने पहली बड़ी नक्सली वारदात 2017 में अंजाम दी थी. उसके बाद से वह लगातार घटनाओं को अंजाम देता रहा. 2025 में गया जिले के छकरबंधा स्थित अपने गांव कचनार में उसने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी. गया, औरंगाबाद, और मदनपुर के जंगलों में वह संगठन के लिए ऑपरेशन चलाता था. आईईडी विस्फोट से लेकर हत्या और पुलिस पर हमलों तक से जुड़े हर मोर्चे पर सक्रिय था. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उस पर कुल 17 से अधिक नक्सली घटनाओं में केस दर्ज है. उन्होंने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत अखिलेश को सभी लाभ मिलेंगे. फिलहाल उससे पूछताछ चल रही है. सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि कहीं और विस्फोटक या हथियार तो नहीं छिपाए गए है.
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आनंद कुमार (एससपी- गया)

