गया Pradeep Ranjan गया- पटना मुख्य सड़क मार्ग स्थित दरगाह बीथो शरीफ में हर वर्ष इस्लामिक कलेंडर के अनुसार 8 से 12 शाबान को आयोजित होता है. यह पांच दिवसीय वार्षिक उर्स इस साल 8 फ़रवरी से 12 फ़रवरी 2025 तक चलेगा. इस साल मख़दूम बाबा का यह 544 वां वार्षिक उर्स है.

इसकी जानकारी दरगाह बीथो शरीफ, खानक़ाह दुर्वेशिया अशरफ़िया चिश्तिया के सज्जादानशीन व मोतवल्ली हज़रत सैयद शाह अरबाब अशरफ़ ने प्रेसवार्ता के दौरान दी. उन्होंने कहा कि 8 फ़रवरी को ग़ुस्ल शरीफ़ व संदल पोशी मज़ार शरीफ़ पर की जाएगी. ग़ुस्ल शरीफ़ में गुलाब जल से मख़दूम बाबा की मज़ार शरीफ को स्नान दिया जाएगा तथा चंदन का लेप लगाया जाएगा एवं नई चादर चढ़ाई जाएगी.
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9 फ़रवरी दरगाह बीथो शरीफ से दरगाह से गन्नू बीघा व इमली दरगाह पर जियारत, हाजरी व चादरपोशी के लिए हाजतियो़ं का जुलूस काफिला रवाना होगा, जहां मख़दूम बाबा के चार सज्जादानशीनों की मज़ारें हैं.
वही 10 फ़रवरी को मग़रिब की नमाज़ के बाद, महफ़िले समा की क़व्वाली ईशा की अज़ान तक होगी. साथ ही रात्रि में हज़रत मखदूम सैयद शाह दुर्वेश अशरफ रहमतुल्लाह अलैह का क़ुल शरीफ़ होगा.
11 फ़रवरी को ज़ोहर की नमाज़ के बाद महफ़िले समा की क़व्वाली होगी.
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हज़रत सैयद शाह अरबाब अशरफ़ (पीर बाबा)
