गम्हरिया: पूर्व सांसद शहीद सुनील महतो की श्रद्धांजलि में छोटानागपुर कुड़मी कला संस्कृति मंच के बैनर तले रविवार 4 जनवरी को भव्य डहरे टुसू यात्रा का आयोजन किया गया. यह यात्रा शहीद सुनील महतो के समाधि स्थल छोटा गम्हरिया से प्रारंभ होकर आमबगान मैदान, साकची तक करीब 16 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए संपन्न हुई. यात्रा का नेतृत्व शहीद सुनील महतो की माता खांदो देवी ने किया.

सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई इस यात्रा में लाखों की संख्या में महिला- पुरुष पारंपरिक वाद्य यंत्र, चोड़ल, ढोल- नगाड़े और डीजे के साथ शामिल हुए. पूरे मार्ग में कुड़मी समाज की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली. पारंपरिक गीत- संगीत और नृत्य के साथ लोग सांस्कृतिक धारा में बहते हुए आगे बढ़ते रहे. यात्रा का समापन संध्या करीब 6 बजे आमबगान मैदान साकची में हुआ.

छोटानागपुर कुड़मी कला संस्कृति मंच के संस्थापक एवं अध्यक्ष अनूप कुमार महतो ने कहा कि छोटानागपुर पठार के पारंपरिक पर्व और सांस्कृतिक उत्सव शहरों में धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहे हैं. डहरे टुसू यात्रा का उद्देश्य इन सांस्कृतिक धरोहरों को पुनर्जीवित करना और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना है.
अनूप कुमार महतो ने इस अवसर पर शहीद सुनील महतो और शहीद निर्मल महतो की हत्या की जांच एनआईए से कराने की मांग की. साथ ही कुड़मी समाज को पूर्ण रूप से एसटी सूची में शामिल करने और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग भी उठाई. उन्होंने कहा कि छोटानागपुर पठार की संस्कृति, भाषा और परंपराओं का संरक्षण समय की आवश्यकता है.
उन्होंने यह भी घोषणा की कि डहरे टुसू यात्रा हर वर्ष जनवरी के पहले रविवार को आयोजित की जाएगी. वर्ष 2027 में यह यात्रा 3 जनवरी को निकाली जाएगी. इस यात्रा के माध्यम से कुड़मी समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान को सहेजते हुए सरकार के समक्ष अपने सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को मजबूती से रखेगा. यात्रा में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में कुड़मी समाज के लोग शामिल हुए और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

