गम्हरिया: गुरुवार को बीजेपी प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर राज्य में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार, आदिवासी नेता सूर्या हांसदा एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग, नगड़ी में रिम्स- 2 के लिए हो रहे आदिवासियों के जमीन का अवैध तरीके से अधिग्रहण और राज्य में आदिवासियों का धर्मांतरण एवं घुसपैठ के मुद्दे पर जिला मुख्यालय एवं प्रखंड कार्यालयों पर धरना- प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

इधर सरायकेला- खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड कार्यालय में भी धरना- प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिससे मुट्ठी भर पार्टी के कार्यकर्ता नजर आए. बता दे कि गम्हरिया प्रखंड में कुल तीन मंडल आते हैं, इसमें आरआईटी, आदित्यपुर और गम्हरिया भाग- 1 शामिल है. हैरानी की बात तो यह रही की आदिवासियों के लिए आयोजित धरना- प्रदर्शन कार्यक्रम में पार्टी का एक भी आदिवासी नेता या कार्यकर्ता धरना स्थल पर नजर नहीं आया. सूत्रों की माने तो पार्टी नेतृत्व ने प्रखंड के आदिवासी नेताओं को इसमें शामिल होने का न्योता नहीं दिया था वैसे यह अंदर की बात है, मगर इसकी चर्चा सियासी जगत में जोर- शोर से होने लगी है.

