धनबाद: जिले के जनीतिक और सामाजिक जमीन से एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जो प्रेम, विचार और सामाजिक विद्रोह का प्रतीक बन गई है. वामपंथी आंदोलन से जुड़े एक युवा जोड़े ने बिना किसी तामझाम, शहनाई, मंत्रोच्चार और दहेज के सादगीपूर्ण विवाह कर समाज को नई दिशा देने का प्रयास किया है.

धनबाद सीपीआईएमएल के कॉमरेड अजय प्रजापति की बेटी, युवा सीपीआईएमएल नेत्री सह कवित्री जानवी ने जौनपुर के युवा सीपीआईएमएल प्रवक्ता कॉमरेड गौरभ विद्रोही के साथ दहेजरहित विवाह किया. यह विवाह न किसी भव्य आयोजन में हुआ और न ही किसी धार्मिक आडंबर के साथ. दोनों ने केवल परिजनों की मौजूदगी में एक- दूसरे का हाथ थामकर जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया.
बताया जाता है कि यह प्रेम कहानी आंदोलनों के बीच पनपी. अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष करते हुए दोनों विचारों के साथी बने और वही साझी विचारधारा धीरे- धीरे जीवनसाथी बनने का आधार बन गई. दोनों ने स्पष्ट रूप से तय किया कि उनका विवाह भी उनके विचारों की तरह सादा, बराबरी पर आधारित और दहेज प्रथा के खिलाफ होगा.
इस विवाह समारोह में केवल करीब दस लोग शामिल हुए, जिनमें दूल्हा- दुल्हन के माता- पिता और करीबी परिजन मौजूद थे. न ढोल- नगाड़े बजे, न सजावट हुई और न ही किसी तरह का दिखावा किया गया. यह विवाह समाज की रूढ़ परंपराओं और दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ एक शांत लेकिन मजबूत संदेश बनकर सामने आया.
वामपंथी संगठनों से जुड़े लोगों ने इस विवाह को विचारों की जीत और युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है. धनबाद की यह अनोखी प्रेम कथा यह संदेश देती है कि सच्चा रिश्ता रस्मों और खर्च में नहीं, बल्कि समान सोच, सम्मान और बराबरी में निहित होता है.
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