चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदड़ी प्रखंड अंतर्गत देवा स्थित बिरसाईत समुदाय के धर्मस्थल में तीन दिवसीय 37वां धर्म युग समारोह श्रद्धा और सामाजिक चेतना के साथ संपन्न हुआ. इस आयोजन में पश्चिमी सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों के साथ- साथ खूंटी जिले से भी बड़ी संख्या में बिरसाईत समुदाय के लोग शामिल हुए.

धर्म युग समारोह के दौरान धार्मिक पदयात्रा, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. समुदाय के लोगों ने नए वर्ष की शुरुआत सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संकल्प के साथ की. हिंसा, अंधविश्वास, नशापान, डायन प्रथा जैसी कुरीतियों से दूर रहने और एक सशक्त, जागरूक समाज के निर्माण का संदेश दिया गया.
कार्यक्रम के दौरान बिरसाईत धर्म गुरु बिरसा आबा, धर्म गुरु सुखराम मुंडा और भगवान बिरसा मुंडा के विचारों को केंद्र में रखते हुए प्रवचन दिए गए. धर्म गुरुओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा और बिरसा आबा का मार्ग आज भी समाज को दिशा दिखाने वाला है, जहां प्रकृति संरक्षण, मानवता, समानता और भाईचारा सर्वोपरि है.
देवाँ से लामडार तक निकाली गई धार्मिक पदयात्रा ने पूरे क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता का संदेश फैलाया. पदयात्रा के दौरान नारे लगाकर लोगों से अपील की गई कि वे अंधविश्वास और नशापान को त्यागकर शिक्षा, संस्कृति और आपसी सौहार्द को अपनाएं.
यह धर्म युग समारोह केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आदिवासी समाज के भीतर सामाजिक सुधार और आत्मचिंतन का मंच भी बना. बिरसाईत समुदाय ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का माध्यम है. ऐसे आयोजनों से यह उम्मीद बंधती है कि परंपरा और आधुनिक सोच के समन्वय से आदिवासी समाज कुरीतियों से मुक्त होकर आगे बढ़ेगा.

