धनबाद: आईआईटी आईएसएम में आयोजित इंडस्ट्रीज इंस्टीट्यूट इंटरैक्शन एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में शुक्रवार को राज्यपाल संतोष गंगवार बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और ग्रीन एनर्जी पर फोकस जरूरी है. यह कार्यक्रम ज्ञान, शोध और उद्योग के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है.

राज्यपाल ने कहा कि आईआईटी आईएसएम एक शताब्दी से राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. खनन, भूविज्ञान और ऊर्जा के क्षेत्र में संस्थान का योगदान देश के औद्योगिक विकास की आधारशिला रहा है. झारखंड खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्य है और यहां के खनिज केवल औद्योगिक विकास ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय निर्माण का भी आधार हैं.
उन्होंने कहा कि देश आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. क्रिटिकल मिनरल्स देश की प्रगति के लिए आवश्यक हैं. विकसित भारत के निर्माण में शिक्षण संस्थानों और छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. भारत शीघ्र ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा. यह कॉन्क्लेव केवल विचार- विमर्श का मंच नहीं, बल्कि नवाचार को नई दिशा देने का माध्यम बनेगा.
मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन यह दर्शाते हैं कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इस कॉन्क्लेव के दौरान आईआईटी आईएसएम ने स्मार्ट माइनिंग में 5G तकनीक को लागू करने के लिए बीएसएनएल तथा क्रिटिकल मिनरल्स की खोज के लिए रूस की कंपनी रोस्टम के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं. डिप्टी डायरेक्टर प्रो. धीरज कुमार ने बताया कि कुल सात कंपनियों के साथ करार किए जा रहे हैं.
कार्यक्रम में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के महानिदेशक असित साहा भी उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है. इसके लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है. क्रिटिकल मिनरल्स आज इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में व्यापक रूप से उपयोग हो रहे हैं. इन खनिजों की खोज और उत्खनन एक सुनियोजित प्रक्रिया है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है.
तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में देशभर से उद्योग, विज्ञान और शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं. इस दौरान संस्थान की हाईटेक लैब्स आम लोगों के लिए भी खोली गई हैं, ताकि वे चल रहे शोध और परियोजनाओं को करीब से देख सकें. यह कार्यक्रम विज्ञान, तकनीक, नवाचार और राष्ट्रीय विकास को समर्पित है.
