धनबाद: केंदुआडीह क्षेत्र में गैस रिसाव की गंभीर स्थिति का मुआयना करने के लिए एनडीआरएफ की टीम धनबाद पहुंच चुकी है. एनडीआरएफ की 32 सदस्यीय टीम केंदुआडीह थाना परिसर में कैंप कर रही है और जल्द ही गैस रिसाव वाले क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण करेगी. टीम जमीन के भीतर मौजूद गैस की मात्रा का डेटा भी एकत्र करेगी और स्थिति की रिपोर्ट तैयार करेगी.

गैस रिसाव के मामले को गंभीरता से लेते हुए सिंफर, डीजीएमएस, सीएमपीडीआईएल और बीसीसीएल की रेस्क्यू टीमें लगातार क्षेत्र में जांच कार्य में जुटी हुई हैं. गैस में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और जहां- जहां गैस रिसाव पाया जा रहा है, वहां चिन्हांकन भी किया जा रहा है.
पुटकी पीबी एरिया के नए जीएम जे.के. मेहता ने बताया कि एक- दो स्थानों पर गैस की मात्रा अब भी अधिक बनी हुई है, जो कि खतरे का संकेत है. उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेंट्रल हॉस्पिटल में 30 बेड का अलग से वार्ड तैयार किया गया है, जहां समुचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध है. इसके अलावा कुसतौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मुनीडीह में बनाए गए राहत शिविरों में भी चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है.
उन्होंने यह भी बताया कि पुनर्वास को लेकर लोगों को बेलगढ़िया और करमाटांड़ का भ्रमण कराया जा रहा है.
अब तक करीब 110 लोग इन स्थानों का भ्रमण कर चुके हैं और अधिकांश लोग वहां बसने और जीवन यापन के लिए इच्छुक भी नजर आ रहे हैं.
दूसरी ओर स्थानीय लोग और पार्षद प्रतिनिधि विभागीय कार्रवाई से संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि लोगों को विस्थापित करने के बजाय गैस रिसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए.
उनका यह भी कहना है कि ड्रिलिंग कर गैस रिसाव को स्थायी रूप से बंद किया जाए और केवल मिट्टी भराई करना इस समस्या का पर्याप्त समाधान नहीं है.

