जमशेदपुर: धालभूम अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायालय से शुक्रवार को रेल रोक आंदोलन के मद्देनज़र कड़ी निषेधाज्ञा जारी की गई. यह आदेश 19 सितंबर 2025 के अपराह्न से प्रभावी हो गया और रेल टेकन या रेल रोको आंदोलन की समाप्ति तक लागू रहेगा.

प्राप्त जानकारी के अनुसार कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने और कुरुमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ने की मांग को लेकर झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के 100 रेलवे स्टेशनों पर 20 सितंबर 2025 से अनिश्चितकालीन रेल टेका या रेल रोको आंदोलन की घोषणा की गई है.
इस संदर्भ में धालभूम अनुमंडल क्षेत्र के सायनगर, गोविंदपुर, हल्दीपोखर और राखा माइंस रेलवे स्टेशनों पर भीड़ जुटने और रेल परिचालन बाधित होने की संभावना जताई गई है. शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने BNSS की धारा 163 के तहत 100 मीटर की परिधि में सामान्य निषेधाज्ञा लागू कर दी है.
आदेश के मुताबिक
किसी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, घेराव या पुतला दहन निषिद्ध होगा.
किसी भी व्यक्ति को अस्त्र-शस्त्र, लाठी-डंडे, तीर-धनुष, भाला आदि लेकर जाने की अनुमति नहीं होगी.
बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग निषिद्ध होगा.
उपद्रव अथवा शांति भंग करने के उद्देश्य से पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं हो सकते.
यह आदेश प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिसकर्मी, चिकित्साकर्मी और मीडियाकर्मियों पर लागू नहीं होगा. आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है और आंदोलन की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा.

