जामताड़ा/ Manish Baranwal चित्तरंजन में पूर्व हॉकी खिलाड़ी और चिरेका कर्मी एरिक लकड़ा पर हुए जानलेवा हमले ने अब पूरी तरह मर्डर केस का रूप ले लिया है. 11 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद एरिक लकड़ा ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश और सनसनी फैल गई है.


इस मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है. चित्तरंजन थाना कांड संख्या 3/26, दिनांक 11 मार्च 2026 के तहत एरिक लकड़ा की पत्नी तारामनी लकड़ा की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीन युवकों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. जानकारी के अनुसार, 8 मार्च की रात चित्तरंजन स्टेशन चौक पर मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया. इसके बाद बाइक सवार तीनों हमलावरों ने एरिक लकड़ा का पीछा किया और अशोक ऐवेन्यू के पास लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया.
हमले के बाद एरिक लकड़ा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े. हैरानी की बात यह रही कि हमलावर ही उन्हें अस्पताल पहुंचाकर मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे मामले में सस्पेंस और गहरा गया है.
पुलिस के हाथ CCTV फुटेज लगा है, लेकिन तस्वीरें धुंधली होने और चेहरों की स्पष्ट पहचान नहीं हो पाने के कारण अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. हालांकि पुलिस तीन संदिग्ध युवकों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. इस घटना ने चित्तरंजन की कानून- व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है और वे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं.

