मधुपुर/ Md. Aslam अनुमंडल क्षेत्र के मारगोमुंडा प्रखंड अंतर्गत पिपरा पंचायत भवन में मंगलवार को जीएफएफ (GFF) के सहयोग से स्वयंसेवी संस्था आश्रय द्वारा बाल विवाह की रोकथाम को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन संस्था की सचिव दीपा कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया.

इस अवसर पर दीपा कुमारी ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि आज भी समाज में कई लोग अपने बच्चों की शादी कम उम्र में कर देते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई छूट जाती है. कम उम्र में विवाह के कारण लड़कियां समय से पहले मां बन जाती हैं, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाता है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई लड़कियां पढ़-लिखकर नौकरी कर आत्मनिर्भर बन रही हैं, जबकि कुछ लड़कियां पढ़ाई छोड़कर घर के कामों तक सीमित रह जाती हैं. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि एक लड़की शिक्षित होती है तो आने वाली सात पीढ़ियां भी शिक्षित होती हैं. इसलिए शिक्षा को याद रखने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी को शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए.
प्रशिक्षण शिविर में पिपरा एवं पट्टाजोरी पंचायत के किशोरी समूहों की सक्रिय भागीदारी रही. शिविर के दौरान बाल अधिकार, शिक्षा का महत्व, बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधान तथा इसके दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई.
कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था आश्रय की ओर से मुस्कान प्रवीण, तमन्ना प्रवीण, आदर्श कुमार यादव सहित अन्य कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. शिविर में शामिल किशोरियों ने बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया.

