चतरा: हंटरगंज प्रखंड के वशिष्ठनगर जोरी थाना क्षेत्र के दंतार गांव में गुरुवार को उस समय हंगामा मच गया जब सदर एसडीओ जहुर आलम एक झोलाछाप क्लिनिक को सील करने पहुंचे. ग्रामीणों ने एसडीओ को घेर लिया और जमकर नारेबाजी की. हंटरगंज और जोरी थाना प्रभारियों के हस्तक्षेप से स्थिति संभाली गई.

सूत्रों के अनुसार, एसडीओ जहुर आलम अकेले ही गुप्त सूचना पर डॉ. चंदन के नर्सिंग होम को सील करने पहुंचे थे. ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि स्थानीय प्रशासन की टीम के बिना एसडीओ क्यों पहुंचे और कार्रवाई क्यों की जा रही है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिले में ग्रामीण चिकित्सकों से प्रतिदिन लाखों की अवैध वसूली हो रही है. उन्होंने कहा कि पहले सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया जाए, फिर झोलाछापों पर कार्रवाई की जाए.

दंतार गांव नदियों और जंगलों से घिरा सुदूरवर्ती इलाका है जहां सरकारी स्वास्थ्य सुविधा लगभग शून्य है. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे डॉक्टर ही आपात स्थिति में मरीजों की जान बचाते हैं. उन्होंने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में पारदर्शिता और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. ग्रामीणों ने मांग की कि पहले गांव में चिकित्सा सुविधा बहाल की जाए, उसके बाद ही इस तरह की कार्रवाई की जाए.
उधर एसडीओ जहुर आलम ने स्पष्ट किया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई है और आगे भी होगी. इस घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

