सरायकेला: मौसम के मिजाज में सोमवार से आए अचानक बदलाव का असर मंगलवार को देखने को मिला. जहां पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मंगलवार को जिले में दिनभर हुए झमाझम बारिश से एक ओर जहां जनजीवन अस्त व्यस्त रहा वहीं ठंड भी बढ़ गयी है. बारिश के कारण सड़कों व बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा. लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए. मंगलवार को अधिकतम 23 एवं न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा. आगे और भी पारा लुढ़केगी. इस बार बारिश के बीच ही मकर का त्योहार भी मनेगा. मौसम विभाग के अनुसार 14 जनवरी तक बारिश की संभावना है. मौसम में बदलाव के कारण ठंड के साथ ठिठुरन भी बढ़ गई. बारिश से बचने के लिए लोग घरों, प्रतिष्ठानों में दुबके रहे. सबसे बड़ी समस्या पशुपालकों के सामने पैदा हो गई है. इधर बारिश और कोरोना के चलते त्योहार का उमंग व उत्साह फीका पड़ने की उम्मीद है. बाजारों में लोग खरीदारी को नहीं निकल पा रहे हैं. इस बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है. इस बार तीन- तीन बार किसानों की फसल बारिश के कारण बर्बाद हुई है. सरायकेला, खरसावां, राजनगर क्षेत्र में अभी भी किसान खेत से अपना धान घर नहीं ला सके हैं. खलिहान में रखे धान में अंकुरण का खतरा बढ़ रहा है. बार-बार मौसम में हो रहे बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ रही है. तेज बारिश होने की आशंका पर उनकी फसल पर संकट मंडराने लगा है. इस समय किसान रबी फसल लगाने में जुटे हैं, हालांकि गेहूं को पानी की जरूरत है, लेकिन अन्य फसलों को पानी से नुकसान होगा.

