चांडिल/ Afroz Mallik के कपाली नगर परिषद क्षेत्र में विकास की हकीकत एक बार फिर सवालों के कटघरे में खड़ी नजर आ रही है. एक ओर नगर परिषद 19 जनवरी को ठंड को देखते हुए जरूरतमंद महिलाओं और बुजुर्गों के बीच कंबल वितरण का ढिंढोरा पीट रही है, तो दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं को लेकर घोर लापरवाही सामने आ रही है. ताजा मामला कपाली गैस गोदाम के समीप जामुन पेड़ के पास का है, जहां नाली के ऊपर बनी सीमेंट कंक्रीट की स्लैब मुख्य सड़क के बीचों-बीच पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. यह स्लैब कभी भी धंस सकती है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है.

स्थायी मरम्मत कराने के बजाय नगर परिषद ने इस खतरनाक गड्ढे को ईंट, पत्थर, मिट्टी और कूड़ा डालकर अस्थायी रूप से ढक दिया है. यह अस्थायी इंतजाम लोगों की जान से खुला खिलवाड़ साबित हो रहा है.
यह सड़क क्षेत्र की प्रमुख सड़क है, जहां से रोजाना स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे, नमाज अदा करने जाने वाले बुजुर्ग और आम राहगीर गुजरते हैं.
गड्ढा ढका होने के कारण कई लोग फिसलने और गिरने से बाल- बाल बच चुके हैं. रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब सड़क पर रोशनी कम होने के कारण खतरा कई गुणा बढ़ जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद विकास के नाम पर सिर्फ कंबल वितरण और फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गई है.
जमीनी सच्चाई यह है कि लोग रोज़ जान जोखिम में डालकर इसी सड़क से गुजरने को मजबूर हैं.
सबसे हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या का अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने सुध ली है. अब सवाल यह उठता है कि क्या कपाली नगर परिषद का विकास केवल दिखावे और प्रचार तक सीमित है. या फिर आम जनता की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर भी कभी गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा.

