चांडिल/ Afroz Mallik सरायकेला- खरसावां जिले के चांडिल डैम परिसर में वर्षों से अपने अधिकारों से वंचित विस्थापित परिवारों ने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा. विस्थापित मुक्ती वाहिनी के बैनर तले दर्जनों लोगों ने पर्यटन विभाग की ओर से की जा रही नियुक्तियों पर आपत्ति जताई.

निजीकरण पर जताई नाराजगी
विस्थापितों ने आरोप लगाया कि चांडिल जलाशय और पर्यटन स्थलों पर बाहरी एजेंसियों और कर्मियों को कार्यभार सौंपा जा रहा है, जबकि विस्थापितों को उनके अधिकार से वंचित रखा गया है.
विस्थापितों की मांगें
विस्थापितों ने मांग की कि सभी नियुक्तियां स्थानीय विस्थापित समिति की अनुशंसा के माध्यम से की जाएं. उन्होंने पर्यटन विभाग द्वारा निकाले गए रोजगारों को तत्काल रद्द करने और सभी परियोजनाओं में विस्थापितों को प्राथमिकता देने की मांग की. विस्थापित मुक्ती वाहिनी के श्यामल मार्डी ने बताया कि चांडिल डैम के निर्माण के दौरान हजारों परिवारों ने अपनी ज़मीन, घर और संसाधनों की कुर्बानी दी थी, लेकिन आज भी उन्हें न तो समुचित पुनर्वास मिला है और न ही रोजगार.
आंदोलन की चेतावनी
विस्थापितों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे. ज्ञापन पर संगठन के प्रमुख श्यामल मार्डी, वासुदेव महतो, कार्तिक चंद्र महतो, केरानी महतो सहित कई विस्थापितों ने हस्ताक्षर किए.

