चांडिल/ Bikash Thakur अनुमंडल क्षेत्र के दलमा की पहचान, संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा के मुद्दे पर बुधवार को माकुलाकोचा फुटबॉल मैदान में विशाल महा जन सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन में दलमा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं और ग्राम सभा प्रतिनिधि शामिल हुए.

वक्ताओं ने कहा कि दलमा की पहाड़ियां केवल प्राकृतिक धरोहर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, आजीविका और सामूहिक अस्मिता की जीवंत पहचान हैं. जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय ग्राम सभाओं का पहला अधिकार है, जिसे किसी भी परिस्थिति में छीना नहीं जा सकता.
सभा में दलमा क्षेत्र के बंटवारे और कथित अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की गई.

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई विरोध भर की नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण और सहभागी विकास की है. दलमा की जनता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रहने का संकल्प ले चुकी है.
इस सम्मेलन का आयोजन दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच द्वारा किया गया. कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ और अंत में क्षेत्र की एकता और अधिकार संरक्षण के लिए सामूहिक प्रतिज्ञा ली गई.

