चांडिल/ Vikash Thakur अनुमंडल के कुकडू हाट तोला में रविवार को संयुक्त आदिवासी सामाजिक संगठन, चांडिल अनुमंडल कमिटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में क्षेत्र के कई गांवों से आए प्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज के सामने बढ़ती चुनौतियों और संसाधनों पर खतरे को लेकर गंभीर मंथन किया.

बैठक की अगुवाई वरिष्ठ सदस्यों ने की. इस दौरान उमेश सिंह मुंडा, सतीश हांसदा, मनोरंजन सिंह, कर्ण मुर्मू, नारायण हांसदा, संजीत टुडू, रवि सिंह मुंडा और नरेश सिंह मुंडा समेत कई प्रतिनिधि मौजूद रहे. वक्ताओं ने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समुदाय की जीवनरेखा है, लेकिन लगातार इनके ऊपर संकट गहराता जा रहा है. परंपरागत अधिकारों में हस्तक्षेप और अत्याचार की घटनाओं को गंभीर बताते हुए वक्ताओं ने संगठित संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया.
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जल्द ही व्यापक जन- जागरण अभियान शुरू किया जाएगा. इसके तहत गांव- गांव जाकर लोगों को संवैधानिक अधिकारों, पारंपरिक संसाधनों और उनके संरक्षण के तरीकों की जानकारी दी जाएगी. संगठन ने कहा कि जागरूकता ही संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है और एकजुट होकर ही अधिकारों की रक्षा संभव है.
बैठक में अजित सिंह मुंडा, टुम्पा हांसदा, रघु सिंह पातर, भिरगु सिंह पातर, मकर बास्के, पशुपति सिंह, बुद्धेश्वर टुडू, श्यामल मार्डी, डोमन बास्के सहित कई लोगों की सहभागिता रही. सभा का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि संगठन जल- जंगल- जमीन की रक्षा और आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष जारी रखेगा.

