चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ और गुदड़ी क्षेत्र के आदिवासी समुदायों ने जागरूकता और एकजुटता के लिए ‘आदिवासी बचाव समिति’ के गठन की पहल की है. रविवार को सोनुआ के आदिवासी कला संस्कृति भवन में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक की अध्यक्षता उदय चन्द्र पुर्ती ने की, जिसमें सोनुआ प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए.

बैठक में तय किया गया कि आदिवासी बचाव समिति के तहत सभी पंचायतों को जोड़कर अलग- अलग टीम बनाई जाएगी. लोजों, पोड़ाहाट और गोलमुंडा पंचायत को एक टीम में, देवांवीर और भालुरुंगी पंचायत को दूसरे टीम में, गोविंदपुर और आसनतालिया को तीसरे टीम में तथा बारी-बोयकेड़ा और सोनापोस-बालजोड़ी पंचायत को चौथे टीम में शामिल किया जाएगा.
निर्णय लिया गया कि समिति के औपचारिक गठन के लिए तीन अक्टूबर सुबह 10 बजे सोनुआ के आदिवासी कला संस्कृति भवन में बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में समिति की रूपरेखा, पदाधिकारियों का चयन और कार्ययोजना तय की जाएगी.
बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि आदिवासी बचाव समिति का उद्देश्य आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा, परंपराओं का संरक्षण और युवाओं को जागरूक करना होगा. मौके पर सिद्धार्थ कुमार बोदरा, अमर सिंह चाकी, गोविंदा जामुदा, रामराई बोयपाई, राजकुमार सामड़, घनश्याम, सोहन टुडू, झिरेम हांसदा, हेमंत कुमार सोरेन, अजय महाली और डब्लू बानरा सहित कई लोग उपस्थित थे.

