चाईबासा/ Jayant Pramanik जिला स्वास्थ्य समिति, पश्चिमी सिंहभूम के निर्देश पर शनिवार को सोनुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्पदंश से बचाव और उपचार को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सांप काटने से होने वाली मौतों को रोकना और लोगों को अंधविश्वास से दूर करना है.

कार्यशाला में स्वास्थ्य सहिया, बीटीटी और एएनएम को संबोधित करते हुए डॉ नीरज कुमार ने कहा कि सांप काटने की स्थिति में समय बर्बाद किए बिना मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए. उन्होंने प्रशिक्षित कर्मियों को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें कि झाड़-फूंक और ओझा-गुणी के चक्कर में पड़ना जानलेवा साबित हो सकता है.

स्वास्थ्य कर्मियों को बताया गया कि सरकारी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन मुफ्त उपलब्ध है. घाव पर चीरा न लगाएं और न ही उसे कसकर बांधें. पीड़ित को शांत रखें और प्रभावित अंग की हलचल कम से कम होने दें.
स्वास्थ्य समिति के सदस्यों ने कहा कि सहिया और एएनएम जमीनी स्तर पर ग्रामीणों से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस अभियान से सोनुआ प्रखंड के सुदूर क्षेत्रों में भी लोगों को सर्पदंश के सही प्राथमिक उपचार की जानकारी मिलेगी. कार्यक्रम में डॉ राजकुमार मारंडी, सुमंत कुमार पाल और साईलॉक गोप सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.

