चाईबासा/ Jayant Pramanik जिले के गोईलकेरा प्रखंड स्थित बोयपाईसासन गांव का उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जर्जर हालत में है. स्कूल भवन की स्थिति इतनी खराब है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. छत और फर्श दोनों की हालत बेहद चिंताजनक है, जिससे बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी जान को भी खतरा बना हुआ है.

स्कूल में न तो मिड डे मील पकाने के लिए पाकशाला है और न ही पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था है. स्थानीय लोगों के अनुसार एमडीएम यानी मध्याह्न भोजन नदी- नाले के पानी से बनाया जाता है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है. गाँव के मुखिया और बाल अधिकार सुरक्षा मंच के कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष डॉ० दिनेश चन्द्र बोयपाई ने बताया कि स्कूल की स्थिति की जानकारी कई बार विभागीय अधिकारियों को दी गई है. बावजूद इसके अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
हाल ही में मुखिया डॉ० दिनेश चन्द्र बोयपाई ने ग्रामीणों के साथ बैठक की और स्कूल की समस्याओं को लेकर उपायुक्त से मिलने का फैसला लिया. शनिवार को उन्होंने जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त से मुलाकात की और स्कूल की दुर्दशा से अवगत कराया. मुखिया ने डीसी से स्कूल भवन के पुनर्निर्माण, पाकशाला, चापाकल, शौचालय निर्माण और रसोईया की नियुक्ति की मांग रखी है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगा.

