चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम जिले में प्रकृति सरहुल बाह महोत्सव सुदूर क्षेत्र गुदडी प्रखण्ड के ग्राम कमरगांव में जिला परिषद सदस्य सुनिता लुगुन और प्रमुख सामी भेंगरा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई. रमेश लुगुन और गोपाल लुगुन द्वारा महोत्सव की तैयारी एवं संचालन किया गया.

सर्वप्रथम कमारगांव के सरना समिति के पुजारी र्दिधा बरजो द्वारा पूजा- अर्चाना किया गया. लोगों में उत्साह भरने के लिए ग्राम डाऊगड़ा खुटी, ग्राम लुम्बाई बदंगाव, ग्राम सोगरा हेस्साडीह से ग्रमीण आ कर नृत्य की प्रस्तुती दी. ग्रमीणों ने भी इसका आनंद लिया. इस अवसर पर अधिवक्ता महेन्द्र जामुदा ने अपने संबोधन में कहा कि सरहुल और बाहा पर्व दोनों ही प्रकृति प्रेम को दर्शाता हैं. यह पर्व आदिवासियों के मुख्य त्योहारों में से एक हैं. इसमें सरहुल के फूल को कानों में लगाकर एक दूसरे को शुभ कामनाएं देते हैं साथ ही मिल कर नाचते- गान करते हैं. गुदड़ी प्रखण्ड में यह पहली शुरुआत है इसलिए संचालनकर्ता बधाई के पात्र हैं. हर साल इसी तरह शांतिपूर्वक प्रकृति पर्व मनाएंगे. इसके बाद एक शोभायात्रा भी निकाला जो कमरगांव से लेकर गुदड़ी अंचल कार्यलाय पहुंचा इस दौरान मांदर और नगाड़े की थाप पर लोगों ने पारंपरिक नृत्य- संगीत की प्रस्तुति दी. मौके पर मुख्य रूप नितिन जामुदा, जिरगा बरजो, सोनु गोण्डरा, बाजोम बरजो, गगाराम बरजो, लबो लोमगा, लेवा बरजो, रेला सोय, रोके बरजो, सानिका बरजो, सेवो भुईया, कोनो सोय,मोहन बरजो, सानिका हापदगाड़ा, मंगरा बरजो, सोमा बरजो, गोने बरजो, गोला बरजो, गाना बरजो, रंजीत बरजो आदिगण ग्रामीण उपस्थित थे.
