चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ प्रखंड के सुदूरवर्ती माइलपीड़ गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के गंभीर अभाव से जूझ रहा है. गांव में समस्याओं की लंबी सूची को लेकर ग्रामीणों और ग्राम मुंडा ने एक बैठक की, जिसमें एस्पायर संस्था के सदस्यों को स्थितियों से अवगत कराया गया.

ग्राम मुंडा श्याम सुंदर महतो ने बताया कि गांव तक सड़क नहीं होने से आम लोगों को भारी परेशानी होती है. मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है. पेयजल सुविधा का भी अभाव है क्योंकि गांव में अभी तक चापाकल नहीं लगाया गया है. पानी की समस्या को ग्रामीणों ने अत्यंत गंभीर बताया.

गांव में मिडिल स्कूल नहीं होने के कारण बच्चों को प्रतिदिन लगभग 10 किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है. अभिभावकों का कहना है कि छोटी उम्र में बच्चों के लिए यह दूरी तय करना बेहद मुश्किल हो जाता है और कई बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं.
ग्राम सभा में एस्पायर के प्रखंड समन्वयक कुलेश्वर सिंह, पोड़ाहाट क्लस्टर के जगन्नाथ सोरेन, सिंधु जोंकों, बेंजामिन बोदरा, स्वयं सहायता समूह के सदस्य और कई ग्रामीण मौजूद थे. बैठक में निर्णय किया गया कि गांव की समस्याओं को एक ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा.
ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क, चापाकल और मिडिल स्कूल की व्यवस्था की जाए, ताकि माइलपीड़ गांव भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके.

