चाईबासा/ Jayant Pramanik जिले के मंझारी प्रखंड के भागाबिला पंचायत अंतर्गत लामजारी गांव में निर्माणाधीन चेक डैम को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया. ग्रामीणों ने लघु सिंचाई विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे डैम के निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है.

इस मामले को लेकर लामजारी गांव में ग्रामीण मुंडा हरदेव बिरुवा की अध्यक्षता में ग्रामसभा की बैठक आयोजित की गई. बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि संवेदक द्वारा डैम निर्माण कार्य में मनमाने तरीके से बड़े-बड़े बोल्डर पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है, जो एस्टीमेट के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है.
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को मात्र 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जा रही है, जो निर्धारित मानकों से कम है.
मौके पर उपस्थित जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल ने कहा कि चेक डैम का निर्माण किसानों के हित में होना चाहिए, न कि ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए.
वहीं जमीन रैयत वीरेन कुम्हार ने बताया कि वे अत्यंत गरीब परिवार से हैं और डैम निर्माण में उनकी जमीन चली जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक जमीन के बदले उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है.
ग्रामीणों ने ठेकेदार पर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया. विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने गांव में ठेकेदार का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया.
इस मौके पर राहुल बिरुवा, अरुण बिरुवा, संजय बिरुवा, मोटका बिरुवा, लक्ष्मण बिरुवा, सरदार बिरुवा, मालती देवी, राम बिरुवा, कल्पना देवी, तरंगनी देवी, नंदनी देवी समेत कई ग्रामीण उपस्थित थे.

