चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ प्रखंड के लोटापहाड़ गांव के 28 वर्षीय लाइनमैन श्याम सुंदर रजक की 7 अगस्त की शाम मौत हो गई. वह 1 अगस्त को चक्रधरपुर के बंदगांव स्थित लांडुपादा ग्रिड के आदिवासी टोला में बिजली मरम्मत कार्य कर रहे थे, जब अचानक 11000 वोल्ट लाइन ऑन होने से गंभीर रूप से झुलस गए. आरोप है कि बिजली विभाग के लापरवाही से ग्रिड से बिना जांच किए किसी ने लाइन ऑन कर दी.

घटना के बाद श्यामसुंदर को गंभीर हालत में टीएमएच जमशेदपुर भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. उनके निधन से परिवार और गांव में शोक का माहौल है.
देर शाम समाजसेवी अमित महतो अस्पताल पहुंचे और मृतक की पत्नी पुष्पा रजक व परिजनों से मिलकर संवेदना जताई. उन्होंने झारखंड सरकार और बिजली विभाग से 50 हज़ार रुपये अंतिम संस्कार के लिए, 15 लाख रुपये मुआवज़ा, सरकारी नियम अनुसार विधवा को आजीवन 90% पेंशन, लेबर सप्लाई कंपनी गीत्राज इंजीनियरिंग प्रा. लि. से 5 लाख रुपये मुआवज़ा और जीवन बीमा की राशि देने की मांग की.
अमित महतो ने चेतावनी दी कि यदि सरकार मुआवज़ा देने से मुकरती है, तो ग्रामीणों और परिजनों संग बिजली विभाग के कार्यालय में धरना- प्रदर्शन किया जाएगा. मनोहरपुर विधानसभा के पूर्व आजसू पार्टी प्रत्याशी डॉ. दिनेश चंद बोईपाई ने भी आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की.

