चाईबासा/ Jayant Pramanik रोमन-कैथोलिक चर्च द्वारा ‘हेरोः परब’ मनाए जाने के विरोध में आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा ने चाईबासा के हरिगुटु स्थित कला एवं संस्कृति भवन में एक आपात बैठक आयोजित की. बैठक में महासभा के पदाधिकारियों ने चर्च में ‘हो’ समाज का पारंपरिक त्योहार मनाने पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे धार्मिक अतिक्रमण व सामाजिक अपमान बताया.

युवा महासभा के नेताओं ने स्पष्ट कहा कि ‘हेरोः परब’ जैसे पारंपरिक त्योहारों को गैर-आदिवासी या धर्मांतरित लोग किसी भी धार्मिक स्थल – चाहे वह चर्च हो, मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारा – में नहीं मना सकते. इससे पहले भी चर्च में ‘मगे परब’ मनाकर ‘हो’ समाज की परंपराओं का अपमान किया गया था. महासभा ने बताया कि ‘हेरोः परब’ केवल राजस्व ग्राम के रैयत और समुदाय के लोग पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार ही मना सकते हैं. इसमें बोड़ोबोंजी बोंगा के बाद बलि, आदवा चावली, जोड़ा बैल, नयल, आंर, हेरो लड्, नमा चाटु, हटा:, डाला आदि परंपरागत सामग्री शामिल होती है, जिन्हें चर्च जैसे स्थलों पर निभाना असंभव है.
महासभा ने इसे घोर उल्लंघन और धार्मिक अधिकारों पर हस्तक्षेप बताया. साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो चाईबासा शहर बंद किया जा सकता है. इस अवसर पर महासभा के केन्द्रीय क्रीड़ा सचिव सतीश सामड, अध्यक्ष इपिल सामड, महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम, प्रदेश कोषाध्यक्ष शंकर सिंदु, जिलाध्यक्ष शेरसिंह बिरूवा, सचिव ओयबन हेम्ब्रम, कोषाध्यक्ष सत्यव्रत बिरूवा, सदस्य सिकंदर तिरिया, सदर अनुमंडल सचिव असीष तिरिया, उपाध्यक्ष पुतकर लागुरी, दुदुगर पिंगुवा, सुरेश पिंगुवा, जामदार हेम्ब्रम, मनोज पिंगुवा समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे.

