चाईबासा/ Jayant Pramanik मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा पुलिस को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए गए आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से एक जंगली हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया है. हाथी के आगे के दाहिने पैर में गहरी चोट आई है, जिससे उसकी उंगलियां उड़ गई हैं और मांस के लोथड़े लटक रहे हैं.

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पशु चिकित्सक की टीम सोमवार सुबह मौके पर पहुंची और लगभग चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथी का प्राथमिक इलाज शुरू किया.
वन विभाग की टीम ने केले में दवा भरकर हाथी को खिलाई, जिसे उसने खा लिया. फिलहाल हाथी की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. पशु चिकित्सक डॉक्टर संजय कुमार ने बताया कि घायल हाथी को एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और सूजन कम करने की दवाइयां दी गई हैं. उन्होंने कहा कि चोट का कारण किसी बड़े इंपैक्ट से हुआ है, हालांकि आईईडी ब्लास्ट से इनकार नहीं किया जा सकता. डॉक्टर कुमार ने बताया कि टीम हाथी को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास कर रही है ताकि उसका बेहतर इलाज किया जा सके.
सूत्रों के अनुसार घायल हाथी लगभग 10 से 12 वर्ष की मादा है. पैर में गहरी चोट के कारण वह ठीक से चल नहीं पा रही है. वन विभाग की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर रखे हुए है और उसके जल्द स्वस्थ होने के प्रयास किए जा रहे हैं.

