चाईबासा/ Jayant Pramanik पश्चिमी सिंहभूम के सोनुआ प्रखंड स्थित बोयकेड़ा (जान्डोय टोली) में रविवार को ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मुंडा लक्ष्मण सुरीन ने की. बैठक में आगामी पारंपरिक पर्व-त्योहारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि मागे पोरोब सहित अन्य पारंपरिक पर्व- त्योहारों को पूरी तरह रीति- रिवाज और शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाएगा. पर्व के दौरान केवल पारंपरिक वाद्ययंत्र जैसे दमा- दुमांग का ही उपयोग किया जाएगा.
ग्रामीणों ने आधुनिकता के नाम पर संस्कृति से खिलवाड़ रोकने के लिए ‘डीजे बॉक्स’ और किसी भी प्रकार के भारी म्यूजिक सिस्टम पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मागे पर्व के दौरान न केवल डीजे प्रतिबंधित रहेगा, बल्कि अभद्र शब्दों और गीतों के मॉडिफाइड उच्चारण पर भी रोक रहेगी. ग्रामीणों का कहना है कि इस कदम से पर्व की पारंपरिक और सांस्कृतिक मर्यादा बनी रहेगी.
मौके पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव की परंपराओं को संरक्षित करने का संकल्प लिया. बैठक में मुख्य रूप से लक्ष्मण सुरीन, विशेश्वर सरीन, लखिन्द्र सुरीन, सालुका तियु, निरंजन, गोनो, सुवेंल, जुरेन्द्र, बुधराम, राजेश, जोटो, चक्रधर, गोला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

