चाईबासा/ Jayant Pramanik

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ प्रखंड अंतर्गत पोड़ाहाट पंचायत को बाल श्रम मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है. इस अवसर पर पंचायत भवन में एस्पायर संस्था द्वारा बाल श्रम मुक्त क्षेत्र महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय मुखिया जोसेफ मुर्मू ने फीता काटकर किया. इसके बाद संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई.
कार्यक्रम में संस्था की ओर से पंचायत को बाल श्रम मुक्त घोषित करने के लिए किए गए प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी गई. विशिष्ट अतिथि के रूप में सोनुआ थाना प्रभारी शशिबाला भेंगरा और डॉ रीना गोडसोरा मुर्मू उपस्थित रहीं.

संस्था के सोनुआ प्रखंड समन्वयक कलेश्वर सिंह ने बताया कि पंचायत क्षेत्र के गांवों में 6 से 14 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों का सर्वे किया गया. शत- प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया गया तथा स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ा गया. अभिभावकों को प्रतिदिन बच्चों को स्कूल भेजने और बाल श्रम से दूर रखने के लिए जागरूक किया गया.
मुखिया जोसेफ मुर्मू ने पंचायत को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने पर एस्पायर संस्था की सराहना की और लोगों से अपने बच्चों को बाल श्रम से दूर रखने की अपील की. संस्था की ओर से उत्कृष्ट कार्य करने वाले सपोर्ट शिक्षक- शिक्षिकाओं को थाना प्रभारी शशिबाला भेंगरा और डॉ रीना गोडसोरा मुर्मू के हाथों प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया.
डॉ रीना गोडसोरा मुर्मू ने अभिभावकों से बच्चों को मुख्यधारा विद्यालय से जोड़ने और नियमित रूप से पढ़ाई सुनिश्चित करने की अपील की. उन्होंने कहा कि बच्चों का बेहतर लालन- पालन और शिक्षा ही समाज की प्रगति का आधार है. साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, नशे से दूर रहने और स्वस्थ शरीर को सबसे बड़ी पूंजी बताया. इस दौरान महिलाओं के बीच निःशुल्क आयरन की गोलियां एवं दवाइयों का वितरण भी किया गया.
कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय भालूमारा के प्रधानाध्यापक नवरंजन प्रधान, सेवानिवृत्त शिक्षक याकूब होनाहगा, सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर प्रताप सिंह सामंड, पोड़ाहाट बैंक शाखा प्रबंधन प्रतिनिधि, बाल सिंह सोय, भालूरूंगी के उपमुखिया गणेश चंद्र बोदरा, गोपीनाथ बोबोंगा, देवब्रत महाकुड़, आंगनबाड़ी सेविका, जल सहिया, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, मुंडा-मनकी, डकुआ, स्वयं सहायता समूह की दीदियां, स्वास्थ्यकर्मी एवं पोड़ाहाट, भालूरूंगी और आसनतालिया क्लस्टर के सभी स्टाफ, जीपीसीएम, सपोर्ट शिक्षक, एलएफ और सीएफ उपस्थित रहे.

