चाईबासा/ Jayant Pramanik जिले के सोनुआ प्रखंड अंतर्गत देवांवीर पंचायत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए खुद को बाल श्रम मुक्त क्षेत्र के रूप में स्थापित किया है. पंचायत को आधिकारिक तौर पर ‘बाल श्रम मुक्त’ घोषित किया गया, जिसके उपलक्ष्य में पंचायत भवन में भव्य महोत्सव का आयोजन किया गया.


कार्यक्रम का आयोजन एस्पायर संस्था द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी देखने को मिली. समारोह का उद्घाटन स्थानीय मुखिया ज्योति सोय ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

इस दौरान संस्था द्वारा पंचायत को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी साझा की गई. जिला बाल अधिकार सुरक्षा मंच के सदस्य गणेश बोदरा ने कहा कि अब पंचायत के सभी बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं और बाल श्रम व बाल विवाह को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में सामूहिक प्रयास जारी रहेगा.
संस्था के प्रखंड समन्वयक कलेश्वर सिंह ने बताया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए डोर-टू-डोर सर्वे किया गया. 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया गया और जो बच्चे स्कूल छोड़ चुके थे, उन्हें दोबारा शिक्षा से जोड़ा गया.
मुखिया ज्योति सोय ने ग्रामीणों से अपील की कि वे बच्चों को मजदूरी से दूर रखकर शिक्षा की ओर प्रेरित करें, ताकि पंचायत की यह उपलब्धि बरकरार रह सके.
कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले वॉलेंटियर, शिक्षकों और सहयोगियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. इस मौके पर पंचायत प्रतिनिधि, बाल अधिकार कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविकाएं, स्वास्थ्य कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. देवांवीर पंचायत की यह पहल क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभरी है, जो अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी.

