चाईबासा/ Jyotish Mahali मनोहरपुर स्थित बारला निवास में भारत आदिवासी पार्टी (प. सिंहभूम) की मनोहरपुर विधानसभा स्तरीय बैठक मंगलवार को जिलाध्यक्ष सुशील बारला की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद की राशि के उपयोग पर गंभीर सवाल उठाए गए.

जिलाध्यक्ष सुशील बारला ने आरोप लगाया कि DMFT की राशि नियमावली के अनुरूप खर्च नहीं की जा रही है, बल्कि कुछ चहेते संवेदकों को लाभ पहुंचाने के लिए उपयोग हो रही है. उन्होंने कहा कि अगस्त 2025 तक CSR के तहत खान प्रबंधन द्वारा 3344 करोड़ रुपये जमा किए गए और 8755 योजनाएं स्वीकृत की गईं, इसके बावजूद सारंडा जैसे खान प्रभावित क्षेत्रों के युवा रोजगार के अभाव में पलायन को मजबूर हैं.
बैठक में कहा गया कि गुवा और चिड़िया लौह अयस्क क्षेत्र के प्रभावित ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं और पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य व कौशल विकास जैसी योजनाओं का लाभ जमीन पर नहीं दिख रहा है.
बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 मार्च 2026 को विकास योजनाओं में अनियमितता और वनाधिकार अधिनियम 2005 के तहत पट्टा निर्गत नहीं किए जाने के विरोध में मनोहरपुर प्रखंड मुख्यालय में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. इसके बाद राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा.
बैठक में जिला सचिव शांन्तिएल कान्डयबुरू, मोजेस चेरोवा, विल्सन बहंन्दा, मासुम हेमब्रोम, सेम सुन्दर लोमगा, दीपक गुड़िया, वरदान ओडेया समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे. पार्टी ने इस मुद्दे पर व्यापक जनआंदोलन की रणनीति बनाने की भी घोषणा की.

