चाईबासा/ Jayant Pramanik जिले के घुड़ाबंधा प्रखंड के अर्जुनबेड़ा जवालकाटा गांव निवासी 53 वर्षीय दुलाल महतो का निधन दिल्ली के मदन मोहन मालवीय अस्पताल में इलाज के दौरान हो गया. उनके पार्थिव शरीर को गांव लाने में आंदोलनकारी सह समाजसेवी अमित महतो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

मृतक की पत्नी कविता महतो और समाजसेवियों के आग्रह पर अमित महतो ने तुरंत पूर्वी सिंहभूम डीसी करन सत्यार्थी से संपर्क किया और दिल्ली पुलिस कमिश्नर व अस्पताल प्रशासन से भी समन्वय स्थापित किया. अब दुलाल महतो का पार्थिव शरीर 13 जुलाई को इंडिगो की फ्लाइट 6E5023 से रांची एयरपोर्ट पहुंचेगा.
डॉ आदित्य महतो ने बताया कि अमित महतो एक आईटी प्रोफेशनल हैं और युवा आजसू के झारखंड राज्य संयोजक सह कोल्हान प्रभारी के रूप में भी कार्यरत हैं. हाल ही में ईरान से अहलाद नंदन का पार्थिव शरीर भी लाने में उनका सहयोग रहा था. पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही कुड़मी समाज की रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाएगा. इस कार्य में देवाशीष महतो, दीपक महतो, मनमोहन भूषण और मृतक के परिवार का भी योगदान रहा.

