चांडिल: प्रदूषण, पानी के पुराने बकाया और कैप्टिव पावर प्लांट की अनदेखी से नाराज होकर बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड के मुख्य ठेकेदार वनराज स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड ने शुक्रवार से प्लांट का काम पूर्ण रूप से ठप कर दिया है. यह जानकारी वनराज स्टील्स के कॉमर्शियल हेड मुकेश बरेलिया ने दी.

उन्होंने बताया कि बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड के पास वनराज स्टील्स का लगभग 35 करोड़ रुपये विभिन्न मदों में फंसा हुआ है. कंपनी के अनुसार 6 करोड़ रुपये सिक्योरिटी डिपोजिट के रूप में जमा हैं, जबकि 3.50 करोड़ रुपये इलेक्ट्रिसिटी सिक्योरिटी डिपोजिट के तौर पर बिजली विभाग में जमा हैं.
इसके अलावा वनराज स्टील्स ने कैपिटल एक्सपेंडिचर के रूप में 12 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. रॉ मटेरियल, बाय-प्रोडक्ट और फिनिश्ड प्रोडक्ट्स के रूप में करीब 8 करोड़ रुपये की सामग्री प्लांट परिसर में पड़ी है. वहीं 1 करोड़ रुपये टीडीएस बकाया और 4.50 करोड़ रुपये के स्टोर आइटम्स भी परिसर में मौजूद हैं.
मुकेश बरेलिया ने कहा कि जब तक प्रदूषण नियंत्रण, पानी की व्यवस्था और कैप्टिव पावर प्लांट की स्थिति दुरुस्त नहीं की जाती, तब तक वनराज स्टील्स प्लांट संचालन शुरू नहीं करेगी. इस फैसले से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है.
