मुजफ्फरपुर: जिले के सकरा थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या और उसकी लाश का बिना परिजनों को सूचना दिए पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार किए जाने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने मुजफ्फरपुर- समस्तीपुर एनएच- 28 को करीब सात घंटे तक जाम रखा. लंबे जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया.

मामला सकरा थाना क्षेत्र के मारकन चौक निवासी 30 वर्षीय मनीष कुमार से जुड़ा है, जो 15 जनवरी की रात से लापता था. 16 जनवरी को परिजनों ने सकरा थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी और कई लोगों पर संदेह जताया था. इसी दौरान मनियारी थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक की लाश मिली, जिसकी पहचान नहीं हो सकी. पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया और पहचान नहीं होने पर लावारिस मानते हुए अंतिम संस्कार कर दिया.
बाद में परिजनों को रेलवे ट्रैक पर मिली लाश की तस्वीर मिली, जिसे उन्होंने मनीष कुमार के रूप में पहचान लिया. इसके बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एनएच-28 को जाम कर दिया. परिजनों का कहना था कि अगर समय रहते पहचान की जाती तो वे अपने बेटे को अंतिम बार देख पाते.
मंगलवार शाम करीब चार बजे मौके पर एसडीएम पूर्वी तुषार कुमार और ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया. अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब सात घंटे बाद जाम हटाया गया और यातायात बहाल हो सका.
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि युवक के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज थी, लेकिन बरामदगी नहीं हो सकी थी. वहीं दूसरे थाना क्षेत्र में मिली अज्ञात लाश की 72 घंटे तक पहचान नहीं होने पर अंतिम संस्कार किया गया था. हत्या के आरोप में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और यदि जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
एसडीएम पूर्वी तुषार कुमार ने कहा कि परिजनों को समझाकर स्थिति सामान्य कराई गई है. फिलहाल यातायात पूरी तरह चालू कर दिया गया है.

