बांका: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी पारा चढ़ने लगा है. शुक्रवार को बांका के जदयू सांसद गिरधारी यादव के छोटे बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन थाम लिया.

तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद चाणक्य ने औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होने की घोषणा की. सूत्रों के मुताबिक, चाणक्य को बेलहर सीट से राजद का उम्मीदवार बनाए जाने की पूरी संभावना है.
इस बीच गिरधारी यादव ने स्पष्ट किया है कि वे नीतीश कुमार और जदयू के साथ हैं, जबकि उनका बेटा अपने फैसलों में स्वतंत्र है. यह घटनाक्रम बांका जिले की राजनीति में नए समीकरण खड़े कर सकता है.
बेलहर सीट पर मौजूदा विधायक मनोज यादव (जदयू) और अब युवा चेहरे चाणक्य प्रकाश रंजन (राजद) के बीच हाईवोल्टेज टक्कर तय मानी जा रही है. 27 वर्षीय चाणक्य लंदन में पढ़ाई कर हाल ही में भारत लौटे हैं और उन्हें राजद में “नए दौर का युवा चेहरा” कहा जा रहा है. बेलहर की जातीय और राजनीतिक जटिलताओं के बीच पिता-पुत्र की अलग राहें न केवल स्थानीय बल्कि जिला स्तर की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती हैं. जनता अब मज़ाक में कह रही है- “पिता के हाथ तीर, बेटे के हाथ लालटेन… मैदान वही, सोच अलग.”

