दरभंगा: जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहा है. जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित नागरिकों को खाने, पीने और रहने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए. इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर निःशुल्क सामुदायिक रसोईघर और नाव सेवा की व्यवस्था की गई है.

सामुदायिक रसोईघरों में हजारों लोगों को दिन और शाम दोनों समय निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. इससे बाढ़ प्रभावित नागरिकों को बड़ी राहत मिली है. भारी बारिश और नेपाल की ओर से आए जलस्राव के कारण दरभंगा जिले के चार अंचलों — किरतपुर, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, गौड़ाबौराम और घनश्यामपुर — के कई इलाकों में पानी प्रवेश कर गया है. किरतपुर के 4 पंचायतों के 20 वार्ड, कुशेश्वरस्थान पूर्वी के 5 पंचायतों के 42 वार्ड, गौड़ाबौराम के 3 पंचायतों के 6 वार्ड तथा घनश्यामपुर के 2 पंचायतों के 12 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

प्रशासन द्वारा किरतपुर में 36, कुशेश्वरस्थान में 45, गौड़ाबौराम में 8 और घनश्यामपुर में 16 नावों का परिचालन किया जा रहा है. इस प्रकार कुल 105 नावें राहत कार्य में लगी हैं.
वर्तमान में 20 सामुदायिक रसोई संचालित हैं. किरतपुर में 7, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 6, गौड़ाबौराम में 3 और घनश्यामपुर में 4 सामुदायिक रसोई चल रही हैं. अब तक 31,507 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है.
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 2408 पॉलीथिन शीट्स का वितरण किया गया है. इनमें किरतपुर में 478, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 175, गौड़ाबौराम में 840 और घनश्यामपुर में 915 शीट्स बांटी गई हैं. किरतपुर में पशु चिकित्सा दल भी सक्रिय है. पशुपालन विभाग की ओर से अब तक किरतपुर में 16, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 32, गौड़ाबौराम में 39 और घनश्यामपुर में 10, कुल 97 पशुओं को कृमिनाशक दवा पिलाई गई है और उनका उपचार किया गया है.

