पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है. पार्टी की योजना के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर के बीच एनडीए के सभी प्रत्याशी अपने नामांकन दाखिल करेंगे. इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार में तीन दिन तक विशेष कैंप करेंगे और नामांकन सभाओं की मॉनिटरिंग करेंगे.

भाजपा का मकसद नामांकन सभा के माध्यम से कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह पैदा करना है. इसके तहत पार्टी ने स्टार प्रचारकों की एक लंबी सूची तैयार की है. भाजपा शासित 12 राज्यों के मुख्यमंत्री भी नामांकन सभाओं में हिस्सा लेंगे. इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य कई मुख्यमंत्री शामिल हैं.
इसके अलावा 20 केंद्रीय मंत्री भी बिहार में आयोजित होने वाली जनसभाओं को संबोधित करेंगे. नामांकन प्रक्रिया को सुचारू और कानूनी दृष्टि से सुरक्षित बनाने के लिए भाजपा ने विधि प्रकोष्ठ और चुनाव विभाग के प्रमुख राधिका रमन के मार्गदर्शन में 150 वकीलों का विशेष पैनल तैयार किया है.
योजना के तहत भाजपा ने 8 और जदयू ने 3 हेलीकॉप्टर का प्रबंध किया है, जिससे नेताओं और स्टार प्रचारकों की यात्राओं को सुविधाजनक और तेज बनाया जा सके. राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि यह रणनीति भाजपा को नामांकन चरण से ही प्रभावी और विरोधियों को झटका देने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने में मदद करेगी. भाजपा की यह रणनीति संकेत देती है कि पार्टी विधानसभा चुनाव में न केवल संगठन की ताकत बल्कि केंद्रीय नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से जोरदार प्रचार करेगी.

