पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए शुक्रवार को नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई. इस चरण में जिले की आठ विधानसभा सीटों पर कई दिग्गज नेताओं ने नामांकन दाखिल किया. इन्हीं में एक नाम अमित कुमार उर्फ बच्चा राय का भी शामिल है, जो कभी लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाते थे. अब वे महुआ विधानसभा सीट से लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के खिलाफ एआईएमआईएम के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर रहे हैं.

बच्चा राय वही नाम हैं जो टॉपर घोटाले के आरोपी रह चुके हैं. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं और अब पहली बार औपचारिक रूप से राजनीति में कदम रख रहे हैं. नामांकन के बाद बच्चा राय ने अपने पुराने राजनीतिक संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया.
उन्होंने कहा कि “महुआ से मौकापरस्त नेताओं को भगाने का समय आ गया है. जब महुआ बदलेगा, तभी बिहार बदलेगा.” उन्होंने आगे कहा कि “महुआ की जनता ऐसे नेताओं को सबक सिखाएगी जिन्होंने सिर्फ अपने फायदे के लिए राजनीति की और जनता की समस्याओं की ओर कभी ध्यान नहीं दिया.”
बच्चा राय के इस बयान के बाद महुआ विधानसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. एक ओर जहां तेज प्रताप यादव अपने पिता लालू यादव की विरासत के नाम पर वोट मांगेंगे, वहीं दूसरी ओर बच्चा राय ‘बदलाव’ के नारे के साथ मैदान में उतर रहे हैं.

