पटना: चुनाव आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है. इसके लागू होते ही जिला प्रशासन की टीम सक्रिय हो गई है और विभिन्न इलाकों में सघन अभियान चलाया जा रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर सरकारी दफ्तरों, सार्वजनिक परिसरों, बिजली के खंभों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार क्षेत्रों और दीवारों से राजनीतिक दलों के पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स हटाए जा रहे हैं.

आचार संहिता लागू होने के साथ ही सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है. जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि सरकारी संसाधनों या पद का उपयोग किसी भी प्रकार के राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता. साथ ही किसी भी तरह की घोषणा या वादे करना, जो मतदाताओं को प्रभावित करें, आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा.
प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके. विभिन्न जिलों में फ्लाइंग स्क्वॉड और मॉनिटरिंग टीम को सक्रिय कर दिया गया है. वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी निर्वाचन आयोग की विशेष टीम नजर रख रही है ताकि आचार संहिता का उल्लंघन ऑनलाइन माध्यमों से भी न हो सके.
वहीं, आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि अगर वे किसी प्रकार की अवैध प्रचार गतिविधि या आचार संहिता उल्लंघन देखते हैं, तो उसकी सूचना तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष या चुनाव आयोग के ‘cVIGIL’ ऐप पर दें. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.

