भोजपुर: जिले के संदेश विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नवादाबेन गांव में विधानसभा चुनावी माहौल के बीच इस बार ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आया है. विकास के नाम पर सरकार और जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने तीन सूत्री मांगों को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर वोट बहिष्कार के नारे लगाए और साफ कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वे किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं देंगे.

ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में गांव की जर्जर सड़क की मरम्मत, नाली की निकासी व्यवस्था में सुधार और कारीसाथ रेलवे स्टेशन पर फूट ओवर ब्रिज का निर्माण शामिल है. ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इन बुनियादी समस्याओं की ओर किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया. नवादाबेन गांव की सड़कें जगह-जगह से टूट चुकी हैं, नाली का पानी सड़कों पर बहता रहता है, जिससे लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी होती है. बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं.

ग्रामीण हनुमान प्रसाद ने बताया कि रेलवे अंडरपास में चार से पांच महीने तक पानी भरा रहता है, जिससे गांव का संपर्क अन्य इलाकों से कट जाता है. स्कूली बच्चों, मरीजों और कामकाजी लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. वहीं, कारीसाथ रेलवे स्टेशन पर फूट ओवर ब्रिज नहीं होने से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं. कई बार रेलवे प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
95 वर्षीय बलिराम मिश्रा ने कहा कि नेताओं ने बार-बार आश्वासन दिया, लेकिन हर बार वादे अधूरे रह गए. अब जबकि बिहार विधानसभा चुनाव करीब है, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर चुनाव से पहले उनकी मांगों पर कार्य शुरू नहीं होता, तो वे मतदान से दूर रहेंगे और गांव में किसी भी उम्मीदवार को प्रचार की अनुमति नहीं देंगे.

