चाईबासा/ Jyotish Mahali पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत डिम्बुली गांव की करीब 110.53 एकड़ आदिवासी जमीन को मूल रैयतों को वापस दिलाने की मांग तेज हो गई है. इस मुद्दे को लेकर भारत आदिवासी पार्टी ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव और विभागीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा है.

पार्टी का आरोप है कि उद्योग स्थापना के नाम पर वर्षों पहले ली गई जमीन पर आज तक कोई उद्योग स्थापित नहीं किया गया. इसके बावजूद जमीन कंपनी के नाम पर दर्ज है, जिससे स्थानीय रैयतों में असंतोष बढ़ता जा रहा है.
भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुशील बरला के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि मेसर्स वी.एस. डेम्पो एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने झारखंड सरकार के साथ समझौता कर मनोहरपुर अंचल के डिम्बुली हल्का नंबर- 07, थाना संख्या- 86 क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के उद्देश्य से किसानों की जमीन खरीदी थी. वर्ष 2005 में झारखंड सरकार के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत इस परियोजना की योजना बनाई गई थी.

ज्ञापन के अनुसार उद्योग स्थापना के लिए सीएनटी एक्ट की धारा 49 के तहत तत्कालीन उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम द्वारा वर्ष 2007 और 2008 में विभिन्न मामलों में आदेश पारित कर किसानों की 110.53 एकड़ कृषि योग्य भूमि कंपनी को हस्तांतरित की गई थी. आदेश में यह स्पष्ट शर्त भी रखी गई थी कि अधिकतम पांच वर्षों के भीतर उद्योग स्थापित करना अनिवार्य होगा. अन्यथा अनुमति स्वतः निरस्त मानी जाएगी और जमीन मूल रैयतों को वापस कर दी जाएगी.
पार्टी का कहना है कि लगभग दो दशक बीत जाने के बाद भी वर्ष 2026 तक उक्त भूमि पर कोई उद्योग स्थापित नहीं हुआ है. जबकि ग्रामीण आज भी उस जमीन पर खेती कर रहे हैं. इसके बावजूद जमीन का स्वामित्व कंपनी के नाम पर दर्ज है.
ग्रामीणों ने बताया कि जमीन वापसी के लिए पहले भी कई बार प्रशासन से गुहार लगाई गई है. इस संबंध में 8 अक्टूबर 2022 को मनोहरपुर अंचल अधिकारी के माध्यम से उपायुक्त पश्चिम सिंहभूम को आवेदन दिया गया था. इसके अलावा 22 मार्च 2023 को झारखंड सरकार के मुख्य सचिव और 21 जुलाई 2023 को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को भी आवेदन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
भारत आदिवासी पार्टी ने मांग की है कि सीएनटी एक्ट और भूमि अधिग्रहण पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत मामले की जांच कर 110.53 एकड़ जमीन मूल आदिवासी रैयतों को वापस कराई जाए.
ज्ञापन में पार्टी के जिला अध्यक्ष सुशील बरला, जिला सचिव शांतिलाल कच्छप, जिला कोषाध्यक्ष बालदेव टुडू समेत डिम्बुली गांव के कई रैयतों के हस्ताक्षर शामिल हैं. पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जमीन वापसी को लेकर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन तेज किया जाएगा.

