जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना अंतर्गत भालूबासा में बने सरकारी दुकान आवंटन को लेकर जिला प्रशासन और आबंटी दुकानदार आमने-सामने हैं. वैसे इसके पीछे राजनीतिक उठापटक भी जारी है. आपको बता दें कि पिछली रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में यहां बसे फुटपाथी दुकानदारों को यह कहकर उजड़ा गया था, कि उन्हें सरकारी दुकान बनाकर आवंटित किया जाएगा. इसके तहत अक्षेस प्रशासन द्वारा 53 दुकान बनाए गए. जिसमें 50 दुकानदारों को आवंटन भी प्राप्त हो गया, लेकिन जैसे ही रघुवर दास की सरकार सत्ता से बेदखल हुई. अक्षेस और जिला प्रशासन ने यू-टर्न ले लिया और पुराने मंत्रियों का आबंटन रद्द करते हुए प्रशासनिक जांच के नाम पर सभी अबंटियों का चाबी वापस ले लिया. भाजपा नेता कमलेश साहू ने इसके पीछे राजनीतिक साजिश करार दिया. वहीं आबंटी दुकानदारों ने इसे अपना बदनसीबी बताया. कुल मिलाकर जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में पड़नेवाले इस स्थल पर राजनीति जारी है. प्रशासनिक जांच कब तक चलता है और कब तक जरूरतमंदों को उनका अधिकार मिलता है यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा है. फिलहाल आबंटी दुकानदारों और पर्दे के पीछे से आवंटन का विरोध करने वाले राजनीतिक रोटी सेकने में लगे हैं.


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